नेपाल और सिक्किम में सिलसिलेवार भूकंप, दहशत में कटे दिन-रात

सिक्किम और पूर्वी नेपाल पर मंडराया खतरा? 24 घंटों में 3 बार महसूस किए गए भूकंपीय झटके

काठमांडू/गंगटोक: प्रकृति के संवेदनशील जोन में बसे हिमालयी क्षेत्रों में एक बार फिर धरती डोलने से हड़कंप मच गया है। पिछले 24 घंटों के भीतर नेपाल के पूर्वी हिस्सों और भारतीय राज्य सिक्किम में मध्यम तीव्रता के कई भूकंपीय झटके दर्ज किए गए। राहत की बात यह रही कि अब तक किसी बड़े जान-माल के नुकसान की सूचना नहीं है, लेकिन बार-बार आती इन कँपकँपियों ने स्थानीय निवासियों की नींद उड़ा दी है।  earthquake nepal नेपाल और सिक्किम में सिलसिलेवार भूकंप, दहशत में कटे दिन-रात

नेपाल: गहरी नींद में थे लोग, तभी डोली धरती
शुक्रवार तड़के जब नेपाल का पूर्वी हिस्सा शांत था, तभी 3:18 AM पर अचानक आए झटकों ने सबको चौंका दिया। 4.7 तीव्रता वाले इस भूकंप का केंद्र संखुवासभा और ताप्लेजंग की सीमा पर स्थित टोपके गोला क्षेत्र में जमीन के भीतर दर्ज किया गया।

प्रभावित क्षेत्र: संखुवासभा के साथ-साथ भोजपुर, पंचथर और तेहरथुम जैसे जिलों में भी झटके महसूस किए गए।

दहशत का माहौल: काठमांडू से लगभग 400 किमी दूर स्थित इस पहाड़ी इलाके में लोग कड़ाके की ठंड के बावजूद घरों से बाहर निकल आए।

सिक्किम: 24 घंटे में दो बार कांपी जमीन
नेपाल से सटे भारतीय राज्य सिक्किम में भी स्थिति चिंताजनक रही। यहाँ गुरुवार को दो अलग-अलग झटके महसूस किए गए:

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  • पहला झटका (11:24 AM): ग्यालशिंग जिले के युक्सोम के पास 4.6 तीव्रता का भूकंप आया।
  • दूसरा झटका (12:17 PM): इसके ठीक एक घंटे बाद मांगन जिले में 3.5 तीव्रता का एक और कंपन दर्ज किया गया।

विशेषज्ञों की राय: राष्ट्रीय भूकंप विज्ञान केंद्र के अनुसार, इन दोनों घटनाओं का केंद्र जमीन से महज 10 किलोमीटर की गहराई पर था। उथले केंद्र (Shallow Depth) वाले भूकंप अक्सर सतह पर अधिक कंपन पैदा करते हैं, यही वजह है कि लोगों को झटके काफी तेज महसूस हुए।

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